वाराणसी में गरबा-डांडिया नाइट के दौरान बजरंग दल ने की आईडी जांच, दुर्गा वाहिनी ने लगाया तिलक | varanasi news
उत्तर प्रदेश के धार्मिक केंद्र वाराणसी में नवरात्रि के दौरान आयोजित गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा के नाम पर विशेष चौकसी देखने को मिली। नाटी इमली इलाके के भरत मिलाप मैदान स्थित एक बैंक्विट हॉल में आयोजित गरबा-डांडिया नाइट के दौरान हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाला। प्रवेश द्वार पर बजरंग दल के सदस्यों ने अंदर आने वाले युवकों के पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की।
संगठन के प्रतिनिधियों का तर्क है कि ऐसे आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने और कथित अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। बजरंग दल के काशी प्रांत प्रमुख निखिल त्रिपाठी के अनुसार, पारंपरिक आयोजनों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे क्षेत्र में पहले ही चेतावनी जारी की गई थी। पहचान पत्र देखने के साथ ही दुर्गा वाहिनी की सदस्याओं ने कार्यक्रम में प्रवेश करने वाले युवक-युवतियों के माथे पर तिलक लगाया और उनके हाथों में कलावा बांधा, जिसे उन्होंने संस्कृति के संरक्षण का प्रयास बताया।
इस पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर कार्यक्रम के आयोजकों ने इस पहल का समर्थन करते हुए इसे धर्म की रक्षा बताया, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर कुछ व्यावहारिक सवाल भी उठे। जब कार्यक्रम के लिए टिकट बेचे जा रहे थे, तब धर्म के आधार पर किसी तरह की रोक या पूर्व शर्त की घोषणा नहीं की गई थी। ऐसे में टिकट बिक्री और मुख्य द्वार पर प्रवेश के नियमों में अंतर को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस तरह के आयोजनों में इस प्रकार की सख्ती से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
