दिल्ली के रामलीला मैदान में बढ़ाई गई सुरक्षा, प्रदर्शनों के लिए नए नियमों का हुआ ऐलान | delhi news
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के नए केंद्रों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद अब रामलीला मैदान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के तहत इस ऐतिहासिक मैदान को बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड के साथ नए धरना स्थलों में शामिल किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
हालांकि, रामलीला मैदान को प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने के बावजूद यहां विरोध प्रदर्शन करना संगठनों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, आगामी ढाई महीने तक मैदान की बुकिंग के लिए कोई भी तारीख खाली नहीं है। त्योहारी सीजन और रामलीला के आयोजनों के चलते मैदान पहले से ही बुक चल रहा है। इसके अलावा, एक दिन की बुकिंग का खर्च टैक्स समेत करीब 1.21 लाख रुपये बैठता है, जिसमें सुरक्षा राशि भी शामिल है। मैदान के केवल एक छोटे हिस्से को मुफ्त प्रदर्शन के लिए रखा गया है, जहां एक समय में अधिकतम 150 लोग ही एकत्र हो सकते हैं।
इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब मैदान में पहले से ही धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं, तो वहां विरोध प्रदर्शन कैसे संभव हो सकेगा। इसके अलावा, व्यस्त व्यावसायिक इलाके में स्थित होने के कारण बड़े आयोजनों से यातायात पर भी भारी असर पड़ता है, जिससे आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ता है। ऐतिहासिक रूप से कई बड़े आंदोलनों का गवाह रहा यह मैदान अब नए प्रशासनिक नियमों और सुरक्षा घेरे के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।
