ताजमहल परिसर में विदेशी और घरेलू पर्यटकों पर बंदर का हमला, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल | agra news
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल में आने वाले सैलानियों के लिए अब बंदरों का आतंक एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। रविवार को हुई एक घटना में अमेरिका और आंध्र प्रदेश से आए दो अलग-अलग पर्यटकों को बंदरों ने अपना शिकार बना लिया। इस बार सुरक्षा प्रबंधों की पोल खुलती नजर आई है, जिससे पर्यटकों में भारी दहशत का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश से आए 51 वर्षीय सैयद ख्वाजा रविवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे स्मारक परिसर में स्थित मस्जिद के आसपास घूम रहे थे। इसी दौरान अचानक पीछे से आए एक आक्रामक बंदर ने उनके पैर की एड़ी पर काट लिया। हमले के बाद पर्यटक दर्द से चीख पड़े, जिन्हें वहां मौजूद अन्य लोगों की मदद से बचाया गया। इसके तुरंत बाद, अमेरिका से आईं 57 वर्षीय महिला पर्यटक कासिक शैनन जाय को भी एक अन्य बंदर ने बाएं हाथ की कोहनी के पास काट लिया।
दोनों घायलों को तुरंत ताजमहल परिसर के भीतर बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और एंटी-रैबीज के टीके लगाए। राहत की बात यह रही कि समय पर चिकित्सा मिलने से स्थिति नियंत्रण में आ गई और दोनों पर्यटकों ने उपचार के बाद अपनी यात्रा जारी रखी।
गौरतलब है कि ताजमहल में बंदरों के उत्पात की यह कोई पहली घटना नहीं है। आए दिन पर्यटकों को निशाना बनाए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभागों और प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस तरह की घटनाएं देश-विदेश में भारत की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग और पुरातत्व सर्वेक्षण को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
