दिल्ली में लगातार ढह रहीं इमारतें, प्रशासन की लापरवाही से जा रही हैं लोगों की जान | delhi building collapse
दिल्ली में असुरक्षित और जर्जर इमारतों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में सीमापुरी इलाके में एक इमारत ढहने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इससे पहले सत्य निकेतन और सैदुल्लाजाब में भी ऐसे ही हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद चिंताजनक है कि प्रशासनिक अमला केवल बड़े हादسه के बाद ही हरकत में आता है। नियमों के मुताबिक खतरनाक इमारतों को चिन्हित कर उन्हें गिराया जाना चाहिए या खाली कराया जाना चाहिए, लेकिन मैदानी स्तर पर स्थिति इसके उलट है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक मीडिया का कैमरा और प्रशासनिक दबाव रहता है, तब तक खानापूर्ति के लिए नोटिस चस्पा कर दिए जाते हैं। हालांकि, कुछ दिन बीतते ही पूरा विभाग शांत बैठ जाता है और जर्जर इमारतों में लोग जोखिम भरा जीवन जीने को विवश रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए और केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहे, तो भविष्य में ऐसे और भी बड़े हादसे देखने को मिल सकते हैं। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल नोटिस देना काफी नहीं है, बल्कि अवैध निर्माण और कमजोर इमारतों के खिलाफ सख्त और निरंतर कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।
