जब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने कानपुर में रच दिया था अनोखा इतिहास | international sports history
क्रिकेट के लंबे इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जो आज भी हैरान करते हैं। ऐसा ही एक अनोखा कारनामा आज से 47 साल पहले कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में देखने को मिला था, जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मुकाबले में एक गेंदबाज ने गजब का प्रदर्शन किया था।
कानपुर टेस्ट का रोमांचक सफर
अक्टूबर 1979 में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ज्योफ डाइमॉक ने भारतीय बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए दोनों पारियों में मिलाकर सभी 11 खिलाड़ियों को आउट किया था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कारनामा करने वाले वह दुनिया के तीसरे और ऑस्ट्रेलिया के पहले गेंदबाज बने थे। डाइमॉक ने मैच में कुल 12 विकेट अपने नाम किए और 166 रन दिए, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
भारत की शानदार जीत और पब्लिक इंपैक्ट
एक छोर से जहां डाइमॉक रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा रहे थे, वहीं दूसरी ओर भारतीय टीम ने सामूहिक प्रयास से मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। पहली पारी में सुनील गावस्कर, चेतन चौहान और दिलीप वेंगसरकर के अर्धशतकों के बाद, दूसरी पारी में कपिल देव और शिवलाल यादव की घातक गेंदबाजी के आगे कंगारू टीम टिक नहीं सकी। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम दूसरी पारी में 125 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने यह मुकाबला 153 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। इस तरह के ऐतिहासिक मैच खेल प्रेमियों के बीच पीढ़ियों तक चर्चा का विषय बने रहते हैं और खेल की महानता को दर्शाते हैं।
