पाकिस्तानी खुफिया एजेंट को नेवी की गोपनीय जानकारी देने के आरोप में जवान गिरफ्तार | national security news
आंध्र प्रदेश पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस (CI) विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय नौसेना के जवान को रक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा करने के संदेह में दबोचा है। आरोपी की पहचान प्रदीप मुखर्जी के रूप में हुई है, जिसे तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित आईएनएस अग्रणी से हिरासत में लिया गया। इस घटना ने देश की सामरिक सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी जवान को सोशल मीडिया के माध्यम से एक पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट ने अपने जाल में फंसाया था। हनीट्रैप का शिकार होने के बाद प्रदीप ने कथित तौर पर विशाखापट्टनम नेवल बेस की रणनीतिक संपत्तियों, जहाजों की आवाजाही और ऑपरेशनल गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं साझा कीं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह खंगालने में जुटी हैं कि इस देशविरोधी गतिविधियों के एवज में उसे हवाला या अन्य डिजिटल माध्यमों से कोई आर्थिक लाभ पहुंचाया गया था या नहीं।
गिरफ्तारी की यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस के समन्वय से विशेष टीम द्वारा पूरी की गई। आईएनएस अग्रणी में मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स कर रहे प्रदीप को हिरासत में लेने के बाद स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से ट्रांजिट वारंट लेकर उसे विजयवाड़ा स्थित काउंटर इंटेलिजेंस मुख्यालय स्थानांतरित किया गया। इस तरह के मामलों से सामरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और सतर्कता पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
