पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने विधायक सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से निकाला | punjab politics
पंजाब की सियासत में उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने अपने ही बागी विधायक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया। पार्टी ने मौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उन पर संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने और भ्रामक प्रचार कर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक मैसरखाना ने सोशल मीडिया पर एक लंबा लाइव वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने अपने हलके के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाया था। बात रखते हुए वह भावुक भी हो गए थे और उन्होंने दावा किया था कि वह लंबे समय से मुख्यमंत्री भगवंत मान और शीर्ष नेतृत्व के समक्ष यह समस्या उठा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
विधायक के इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में विरोधियों को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था के दावों पर सवालिया निशान खड़े किए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले अपनों का इस तरह बागी होना पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है, जिसका असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ना तय है।
