आगरा में तेज रफ्तार वाहनों पर शिकंजा, नौ महीने में 78 हजार से अधिक चालान | agra news
सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर दौड़ने वाले बेपरवाह वाहन चालकों पर शिकंजा कसने के लिए यातायात प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आगरा से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमों को ताक पर रखकर वाहन दौड़ाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते पुलिस ने अब आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
चालू वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में यानी जनवरी से सितंबर के बीच यातायात विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 78,565 ऐसे वाहनों के चालान काटे हैं जो तय सीमा से अधिक रफ्तार पर दौड़ रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से करीब 70 फीसदी चालान अकेले यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, उत्तरी व दक्षिणी बाइपास और नेशनल हाईवे से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, इन मार्गों पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाओं की मुख्य वजह तेज रफ्तार ही होती है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है।
याद रहे कि लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा और यमुना एक्सप्रेसवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। हालांकि इन मार्गों पर कई जगह स्पीडोमीटर लगे होने के बावजूद चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस प्रवृत्ति पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने अब दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में विशेष तौर पर इंटरसेप्टर वाहन और आधुनिक स्पीड रडार गन तैनात कर दिए हैं, जो दूर से ही तेज रफ्तार गाड़ियों को पकड़ लेते हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अलका सिंह ने इस बारे में स्पष्ट किया है कि ओवर स्पीड के खिलाफ चल रही इस निरंतर कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को प्रभावी ढंग से रोकना है। इस तरह की सख्ती से सड़क सुरक्षा का माहौल मजबूत होता है और लंबी दूरी के यात्रियों की यात्रा भी अधिक सुरक्षित बनती है।
