अजय देवगन की दृश्यम द कन्क्लूजन सिनेमाघरों में रिलीज, 23 जुलाई की तारीख बनी नई मिस्ट्री | entertainment news
भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में शुमार ‘दृश्यम’ का नया अध्याय सिनेमाघरों में दस्तक दे चुका है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने रिलीज के साथ ही दर्शकों के बीच हलचल पैदा कर दी है। फिल्म की कहानी एक बार फिर विजय सलगांवकर और पुलिस के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां दिमाग को झकझोर देने वाले नए ट्विस्ट सामने आते हैं।
फिल्म जगत में 2 अक्टूबर की तारीख हमेशा से ‘दृश्यम’ के संदर्भ में जानी जाती रही है, जब सलगांवकर परिवार पणजी गया था। हालांकि, इस बार कहानी में एक नए दिन यानी 23 जुलाई की रात को मुख्य आधार बनाया गया है। यही वह तारीख है जब विजय ने फोरेंसिक लैब में कंकाल बदलने का खेल खेला था, जो फिल्म के दूसरे भाग का सबसे बड़ा मोड़ था। अब तीसरे हिस्से में क्राइम ब्रांच के नए अधिकारियों की एंट्री के बाद यह मामला फिर से खुल गया है और पुलिस के हाथ एक ठोस सबूत लग गया है।
इस तरह की थ्रिलर कहानियाँ दर्शकों के मानसिक स्तर और न्याय प्रणाली के बीच के संघर्ष को गहराई से दर्शाती हैं। जब कानून के शिकंजे में कोई परिवार बार-बार फंसता है, तो समाज में न्याय और सबूतों की विश्वसनीयता पर भी बहस छिड़ती है। फिल्म का यह नया भाग यह तय करता है कि अतीत के राज कभी पूरी तरह दफन नहीं होते, और उनका सामना एक न एक दिन करना ही पड़ता है।
