राजधानी दिल्ली की सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा का सच, रात के वक्त सामने आई हैरान करने वाली तस्वीरें | delhi news
राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं का सुरक्षित आवागमन आज भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। किसी बड़ी आपराधिक घटना के सामने आने पर ही आमतौर पर सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ती है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं को हर कदम पर जिस असहजता का सामना करना पड़ता है, उस पर कम ही बात होती है। इसी व्यवस्थागत समस्या को करीब से समझने के लिए एक जमीनी पड़ताल की गई, जिसके नतीजे गंभीर चिंता पैदा करते हैं।
पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि दिल्ली के मूलचंद, एम्स, लाजपत नगर, हौज खास और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में रात के समय महिलाओं को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। सुनसान गलियों की बात तो दूर, व्यस्त बाजारों, अस्पतालों के बाहर और शिक्षण संस्थानों के आसपास भी महिलाओं को लगातार घूरने, पीछा करने और अनचाहे प्रस्तावों का सामना करना पड़ा। बार-बार मना करने के बावजूद मनचलों की हरकतों में कोई कमी नहीं आती, जिससे महिलाओं के मन में लगातार असुरक्षा की भावना बनी रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के छोटे दिखने वाले अपराध और असहज करने वाले व्यवहार महिलाओं के सार्वजनिक जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। जब तक पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव नहीं लाया जाता, तब तक इस तरह की रोजमर्रा की परेशानियों से महिलाओं को मुक्ति मिलना मुश्किल है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस के स्तर पर ऐसे मामलों में सख्त निगरानी की आवश्यकता है ताकि महिलाओं का सार्वजनिक जीवन सुरक्षित हो सके।
