भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट, लगातार आठवें हफ्ते लाल निशान पर बंद | stock market crash
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों गहरा दबाव बना हुआ है, जिसके चलते बेंचमार्क इंडेक्स लगातार आठवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए हैं। पिछले ढाई दशकों के इतिहास में यह पहला मौका है जब बाजार में लगातार इतने लंबे समय तक मंदी का रुख देखने को मिला है। इस भारी गिरावट के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर बिकवाली और वैश्विक स्तर पर सुस्त पड़े आर्थिक संकेतकों को मुख्य कारण माना जा रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस कमजोरी से निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा है। हालिया कारोबार के दौरान निफ्टी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स में भी भारी बिकवाली दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल, आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे बाजार की धारणा और अधिक कमजोर हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है। इसके अलावा, विदेशी फंडों के लगातार बाहर जाने से घरेलू बाजार में तरलता प्रभावित हुई है। हालांकि, बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को हड़बड़ी में फैसले लेने से बचना चाहिए और किसी भी नए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लेनी चाहिए।
