आगरा में अवैध मतांतरण रैकेट का खुलासा, नौ चरणों में ऐसे फंसाते थे लोग | agra news
उत्तर प्रदेश के ताजनगरी इलाके में धर्मांतरण का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। पुलिस कार्रवाई में एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो सुनियोजित तरीके से लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहा था [agra news]। यह पूरा खेल किसी एक दिन का नहीं, बल्कि एक तयशुदा साजिश के तहत चलाया जाता था। गिरोह की कार्यप्रणाली इतनी शातिर थी कि वे किसी को भी अपने जाल में फंसाने के लिए नौ अलग-अलग चरणों का सहारा लेते थे।
शुरुआत में अस्पतालों के आसपास और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की पहचान की जाती थी जो भावनात्मक रूप से टूटे होते थे। इसके बाद महिलाओं के जरिए उन तक पहुंच बनाई जाती और धीरे-धीरे पूरे परिवार को भरोसे में लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में कभी-कभी एक साल तक का समय लग जाता था। विश्वास जीतने के बाद घर पर प्रार्थना सभाओं का दौर शुरू होता था और धीरे-धीरे व्यक्ति को पूरी तरह से बदल दिया जाता था। इस तरह के मामलों से समाज में अविश्वास का माहौल बनता है, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर बुरा असर पड़ता है और सार्वजनिक सुरक्षा चिंता का विषय बन जाती है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क की जड़ें उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक फैली हुई थीं। आरोपीस आपस में जुड़ने के लिए सिग्नल ऐप और इमो जैसे सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे, जबकि जूम मीटिंग के जरिए बैठकों और प्रार्थना सभाओं की रूपरेखा तय की जाती थी। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों की छानबीन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़े नेटवर्क को फंडिंग कहां से मिल रही थी और देश के अन्य हिस्सों में इनके खिलाफ पहले से कहां-कहां मुकदमे दर्ज हैं।
