राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट, चंपत राय और अनिल मिश्रा बने गवाह | crime news
अयोध्या स्थित राम मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट अदालत को सौंप दी है [crime news]। इस बहुचर्चित मामले की जांच के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को बड़ी राहत देते हुए आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि उन्हें इस प्रकरण में गवाह के रूप में शामिल किया गया है। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान इन पदाधिकारियों की संलिप्तता सीधे तौर पर अपराधियों के साथ नहीं पाई गई, जिसके बाद इन्हें कानूनी प्रक्रिया में गवाह का दर्जा दिया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, दान राशि की चोरी का यह पूरा खेल पिछले कुछ महीनों से चल रहा था, जिसका खुलासा सबसे पहले जून के शुरुआती दिनों में मंदिर के गणना कर्मियों की सतर्कता से हुआ था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की गहराई से पड़ताल की और पुख्ता सबूत जुटाए। इस आपराधिक षड्यंत्र में मंदिर के कर्मचारियों के साथ-साथ एक सेवानिवृत्त बैंककर्मी की भी मिलीभगत सामने आई है, जो सुरक्षा जांच से बचने में आरोपियों की मदद करता था। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब अदालत में सुनवाई आगे बढ़ेगी, जिससे दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर जनता के बीच नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस की ओर से दाखिल की गई इस चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक कर्मी भी मौजूद हैं। जांच अधिकारियों ने आरोपियों के बैंक खातों और उनके पास से बरामद करीब अस्सी लाख रुपये से अधिक की नकदी को अपने कब्जे में ले लिया है [crime news]। इस घटना के सामने आने के बाद से ही धार्मिक संस्थानों में सुरक्षा और पारदर्शी निगरानी प्रणालियों को और अधिक कड़ा किए जाने की मांग लगातार उठ रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्थाओं से बचा जा सके।
