बिना बिजली के बोतल से रोशन होगा कमरा, जानिए क्या है ‘मोजर लैंप’ का अनोखा तरीका | general news
घर में कई बार ऐसा होता है कि खिड़कियां न होने या कम जगह की वजह से दिन में भी कमरों में अंधेरा रहता है। ऐसे कमरों को रोशन करने के लिए लोग अक्सर बल्ब या एलईडी लाइट का सहारा लेते हैं, जिससे बिजली का बिल लगातार बढ़ता जाता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए लोग अब एक बेहद पुराना और असरदार तरीका अपना रहे हैं [general news], जिसमें न तो किसी महंगे सोलर पैनल की जरूरत होती है और न ही बिजली की।
इस अनोखी तकनीक को ‘मोजर लैंप’ कहा जाता है, जिसकी शुरुआत करीब 26 साल पहले ब्राजील में हुई थी। इसके तहत एक ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक की बोतल में साफ पानी भरकर छत पर इस तरह फिट किया जाता है कि उसका आधा हिस्सा धूप में और आधा हिस्सा कमरे के अंदर रहे। जब सूरज की किरणें पानी से होकर गुजरती हैं, तो उनका अपवर्तन (refraction) होता है और रोशनी पूरे कमरे में फैल जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह जुगाड़ धूप के हिसाब से छोटे बल्ब जितनी रोशनी देने में सक्षम होता है।
छत पर इस तरह की बोतल लगाने से पहले वाटरप्रूफ सीलेंट का इस्तेमाल करना जरूरी होता है ताकि बारिश का पानी घर के अंदर न टपके। इसके अलावा, लंबे समय तक पानी गंदा होने से बचाने के लिए क्लोरीन का हल्का इस्तेमाल किया जा सकता है। इंटीरियर को आकर्षक दिखाने के लिए लोग इसके चारों ओर डेकोरेटिव फ्रेम या फॉल्स सीलिंग का सहारा भी ले रहे हैं। ऐसे उपाय न सिर्फ बिजली की खपत को कम करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित होते हैं।
