उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली से...
उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले रायबरेली से अपनी बहुप्रतीक्षित ‘पीडीए रथयात्रा’ की शुरुआत कर दी है। लखनऊ से चलकर निगोहा के रास्ते रायबरेली की सीमा में प्रवेश करते ही उनका यह अंदाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आया, जो आगामी चुनावों के लिए पार्टी की बदली हुई रणनीति की ओर साफ इशारा करता है [up politics news]।
यात्रा की शुरुआत करते ही अखिलेश यादव ने चुरुवा बॉर्डर पर स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में हाथ में गदा लहराकर अपनी राजनीतिक मुहिम का शंखनाद किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बहुसंख्यक समाज की आस्था और धार्मिक प्रतीकों के साथ जुड़ने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए पार्टी यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि उसका ‘पीडीए’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूला केवल सामाजिक न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं का भी पूरा सम्मान करती है।
इस शक्ति प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण वह अनूठा स्वागत था, जहां सपा कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर का इस्तेमाल किया। आमतौर पर सत्ताधारी दल की पहचान माने जाने वाले बुलडोजर से अखिलेश यादव का स्वागत कर और उन्हें 21 किलो की विशाल माला पहनाकर पार्टी ने यह जता दिया कि इस प्रतीक का एकाधिकार किसी एक दल के पास नहीं है। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद उमड़ी हजारों समर्थकों की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि पार्टी का जमीनी कैडर आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार और सक्रिय हो चुका है।
रायबरेली के इस सियासी रण के जरिए अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी चुनावों में विपक्ष हर मोर्चे पर सत्तारूढ़ दल को टक्कर देने के लिए पूरी तरह से कमर कस चुका है। इस यात्रा से न केवल क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है, बल्कि राज्य की मुख्यधारा की राजनीति में नए समीकरणों के उभरने के संकेत भी मिलने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह यात्रा अन्य जिलों का रुख करेगी, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्माने की पूरी संभावना है।