सूर सरोवर पक्षी विहार मामले में एनजीटी का बड़ा फैसला, इको सेंसिटिव जोन की प्रक्रिया तेज | agra news
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सूर सरोवर पक्षी विहार के क्षेत्रफल के पुनर्निर्धारण से जुड़ी याचिका का निस्तारण कर दिया है। इस मामले में सुनवाई से पहले ही राज्य सरकार ने पक्षी विहार के क्षेत्रफल को संशोधित कर 14.5025 हेक्टेयर भूमि तय करने की अधिसूचना जारी कर दी थी और इसका शपथ पत्र भी एनजीटी में दाखिल कर दिया गया था [agra news]।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने अदालत से पक्षी विहार को औपचारिक रूप से इको-सेंसिटिव जोन घोषित करने का निर्देश देने की प्रार्थना की थी। हालांकि, बेंच ने स्पष्ट किया कि मूल याचिका में इस तरह की कोई सीधी मांग नहीं की गई थी, जिसके चलते अदालत ने मामले का निस्तारण कर दिया। इस निर्णय के बाद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय स्तर पर पारिस्थितिकी संरक्षण की उम्मीदें बढ़ गई हैं, क्योंकि इससे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।
याचिकाकर्ता ने बताया कि अब इस दिशा में आगे की प्रक्रिया तेज की जाएगी और केंद्र तथा राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र भेजकर सूर सरोवर क्षेत्र को जल्द से जल्द इको-सेंसिटिव जोन घोषित करने की मांग उठाई जाएगी। इस प्रशासनिक पहल से वन्यजीवों और विशेषकर पक्षियों के प्राकृतिक आवास को दीर्घकालिक सुरक्षा मिलने की पूरी उम्मीद है।
