लंबी दूरी की स्लीपर बसों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी, रियलिटी चेक में बड़े खुलासे | india transport safety news
सड़क मार्ग से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। हाल ही में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद जब जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई, तो उत्तर से लेकर पश्चिम भारत तक चलने वाली स्लीपर बसों में भारी अनियमितताएं सामने आईं। [india transport safety news] के तहत की गई इस जांच ने परिवहन तंत्र की पोल खोल दी है।
राजधानी दिल्ली के कश्मीरी गेट और आनंद विहार बस अड्डों के अलावा जयपुर और लखनऊ में की गई जांच में पाया गया कि अधिकांश निजी बसों में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखा जा रहा है। कई बसों में आपातकालीन निकास यानी इमरजेंसी गेट पर ताले जड़े मिले, तो कुछ में एग्जिट के रास्ते पर ही सामान और बोरियां भरकर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया था। आपात स्थिति में कांच तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाला हैमर तक कई बसों से गायब मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी बड़े हादसे के वक्त यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। सफर के दौरान अनहोनी से बचने के लिए परिवहन विभागों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को अब बिना किसी ढिलाई के इन स्लीपर बसों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी, ताकि आम जनता की यात्रा सुरक्षित बनाई जा सके।
