संजू सैमसन को बाहर करना मेरे कोचिंग करियर का सबसे कठिन फैसला था: गौतम गंभीर | india cricket news
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनके दो साल के कार्यकाल के दौरान एक ऐसा मौका भी आया जिसने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया। इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज के दौरान लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे संजू सैमसन को बाहर कर युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू का मौका देना टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं था। इस फैसले ने उन्हें रातभर सोने नहीं दिया था, जिसकी जानकारी उन्होंने खुद संजू को भी दी थी (india cricket news)।
कोच गंभीर ने स्पष्ट किया कि संजू सैमसन टी20 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रह चुके थे, ऐसे में महज तीन-चार पारियों के आधार पर उन्हें बाहर करना बेहद कठिन था। हालांकि, उस समय टीम को जीत की सख्त जरूरत थी और वैभव सूर्यवंशी शानदार लय में थे। इस तरह के बदलाव से कई बार खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित होता है, लेकिन खेल की मांग और टीम की जीत को प्राथमिकता देना कोच की जिम्मेदारी होती है। संजू को बाद में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में फिर से मौका मिला, जहां उन्होंने लगातार दो अर्धशतक जड़कर अपनी उपयोगिता साबित की।
गंभीर ने यह भी जोर देकर कहा कि टीम की अंतिम एकादश सोशल मीडिया की चर्चाओं या बाहरी दबाव के आधार पर तय नहीं होती है। मैच जिताने की क्षमता और सही कॉम्बिनेशन ही चयन का मुख्य आधार होते हैं। खेल प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच इस तरह के कड़े फैसले अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं, जिनका सीधा असर खिलाड़ियों के भविष्य और टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है। आने वाले समय में चयनकर्ताओं के लिए यह संतुलन बनाए रखना और भी अधिक महत्वपूर्ण होगा ताकि युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिले और अनुभवी खिलाड़ियों का मनोबल भी बना रहे।
