आजमगढ़ में खूनी खेल: तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान पिता ने की पत्नी और पुरोहितों की हत्या, 8 साल के बेटे की भी मौत | up crime news
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूपुर गांव में बीते 22 सितंबर की शाम को एक घर में महामृत्युंजय जाप चल रहा था, तभी पारिवारिक कलह के चलते खूनी संघर्ष शुरू हो गया। पूजा के दौरान अरविंद सिंह ने अचानक अपनी पत्नी बबीता सिंह और वहां मौजूद दो पुरोहितों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस वीभत्स घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी रोष और सदमा व्याप्त है, क्योंकि ऐसी घटनाएं समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। (up crime news)
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अरविंद ने अपने तीन मासूम बच्चों—आठ साल के शौर्य, पांच साल की परी और छह महीने की एक दुधमुंही बच्ची—को एक कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और करीब आठ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आरोपी को समझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, जब आरोपी ने अंदर से फायरिंग शुरू की और बच्चों को ढाल बनाया, तो पुलिस को कड़ा कदम उठाना पड़ा।
पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए टियर गैस और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी अरविंद और उसका आठ वर्षीय बेटा शौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां दोनों की मौत हो गई। इस खूनी तांडव में कुल पांच लोगों की जान चली गई, जबकि दो छोटे बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए हैं जो इस वक्त गहरे सदमे में हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर पारिवारिक विवाद इतना हिंसक कैसे हो गया।
