आजमगढ़ हत्याकांड में मारे गए पुरोहितों के परिजनों का छलका दर्द, पुरानी रंजिश और मानसिक तनाव बनी वजह | up crime news
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में हाल ही में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। महामृत्युंजय पूजा के दौरान अरविंद सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में आरोपी और उसके बेटे की भी जान चली गई। इस खूनी खेल में कुल पांच लोगों की मौत से इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। [up crime news]
मृतक पुरोहित महेंद्र पाठक के परिजनों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से अरविंद के घर पूजा-पाठ करवाता आ रहा था। यहां तक कि पूर्व में अरविंद के भाई की हत्या के समय भी उनके परिवार ने बिना किसी शुल्क के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया था। परिजनों का कहना है कि अब वे कभी इस परिवार के यहां अनुष्ठान नहीं करेंगे। इस घटना में मारे गए दोनों पुरोहित आपस में मौसेरे भाई थे, जिनकी हत्या से उनके घरों में मातम पसरा हुआ है।
शुरुआती जांच और परिजनों के बдаनों के मुताबिक, आरोपी अरविंद मानसिक रूप से तनाव में था और पारिवारिक रंजिश का शिकार था। उसके बड़े भाई की हत्या के बाद से उसकी मानसिक स्थिति अक्सर विचलित रहती थी। इस तरह की हिंसक घटनाएं समाज में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और बढ़ते तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर करती हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा और मानसिक काउंसलिंग की आवश्यकता पर सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल पर भारी बल तैनात कर दिया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अचानक उपजे विवाद ने इतना खौफनाक रूप कैसे ले लिया।
