लखनऊ विश्वविद्यालय में निलंबन के बाद छात्रों का हंगामा, कुलसचिव को बनाया बंधक | lucknow news
लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) में आयोजित युवा संसद के दौरान छात्राओं से अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आंतरिक शिकायत समिति की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया है और उनके प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस सख्त प्रशासनिक कदम के बाद से ही कैंपस का माहौल गरमा गया था और छात्र उग्र हो गए थे।
निलंबन की कार्रवाई से नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर उत्पात मचाया। एक छात्र ने तो मुख्य कुलानुशासक कार्यालय के छज्जे पर चढ़कर कूदने की कोशिश भी की, जिसे बाद में सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने गोमती पुस्तक महोत्सव के बैनर-पोस्टर फाड़ दिए और प्रशासनिक भवन पहुंचकर मुख्य द्वारों के दोनों चैनल्स पर ताला जड़ दिया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण और चीफ प्रोवोस्ट समेत दर्जनों अधिकारी अंदर ही फंस गए।
परिसर में इस तरह के तनाव और हंगामे से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है और आम छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि निलंबित छात्रों को भी अपना पक्ष रखने का निष्पक्ष अवसर दिया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्रों को गुरुवार दोपहर का समय दिया है,, जहां वे आंतरिक शिकायत समिति के सामने अपना पक्ष रख सकेंगे [lucknow news]।
