कानपुर देहात में जन्म प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग, डेढ़ महीने बाद भी नहीं मिला दस्तावेज | kanpur news
कानपुर देहात जिले में जन्म प्रमाण पत्र हासिल करना आम जनता के लिए किसी चुनौती से कम साबित नहीं हो रहा है। डेढ़ से दो महीने पहले नियमानुसार आवेदन करने और तमाम कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी लोग दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस प्रशासनिक देरी के कारण जरूरी कार्यों की समय सीमा निकलती जा रही है, जिससे नागरिकों में चिंता बढ़ गई है [kanpur news]।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड की गलत जन्मतिथि ठीक कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को भी आधार कार्ड में संशोधन की जरूरत पड़ रही है। दस्तावेज समय पर न मिलने के कारण ब्लॉक, नगर पंचायत और उपजिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर लगातार भीड़ जुट रही है, लेकिन समाधान नहीं निकल रहा है।
अकबरपुर कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए कई आवेदकों ने बताया कि उन्होंने अगस्त महीने में ही आवेदन कर दिया था और सभी स्तरों से जांच भी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक पेंच के चलते उन्हें प्रमाण पत्र नहीं सौंपे गए हैं। समय पर दस्तावेज न मिलने से बच्चों के भविष्य और पढ़ाई से जुड़े जरूरी काम बाधित हो रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जन्म-मृत्यु पंजीयन की नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सुचारू बनाने के प्रयास जारी हैं। नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक फेरबदल और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले एक-दो दिनों के भीतर व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आ जाएगी, जिससे लंबित प्रमाण पत्रों का वितरण शुरू हो सकेगा।
