उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, सेवा सुरक्षा और कई सौगातें मिलीं | up politics news
उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने उनके मानदेय में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करने के साथ-साथ कई अन्य प्रशासनिक सुरक्षा और कल्याणकारी कदम उठाए हैं। इस फैसले से प्रदेशभर के ग्रामीण विकास कार्यों में जुटे पंचायत सहायकों में उत्साह का माहौल है (up politics news)।
अभी तक पंचायत सहायकों को प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब नौ हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा मानदेय भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए कैबिनेट स्वीकृति के बाद डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में राशि भेजने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इस निर्णय से राज्य के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों को वित्तीय रूप से मजबूती मिलेगी।
सुरक्षा और अधिकारों के लिहाज से सरकार ने यह तय किया है कि अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से किसी पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। इन्हें हटाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लेगी। आंदोलन के दौरान जिन कर्मियों पर मुकदमे दर्ज हुए थे, उन्हें भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा और सभी पंचायत सहायकों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। इन सभी ऐतिहासिक फैसलों के बाद पंचायत सहायकों ने अपना चल रहा धरना समाप्त कर दिया है। सरकार के इस कदम से जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और स्थिरता आएगी।
