अलीगढ़ में महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोपी की जमानत याचिका खारिज | aligarh news
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त कदम उठाया है। बन्नादेवी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक विवाहिता के साथ हुई छेड़छाड़, मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में आरोपी की जमानत याचिका अदालत ने सिरे से खारिज कर दी है। इस कानूनी कदम से पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद ब बंधी है और ऐसे अपराधियों में कानून का डर स्थापित होगा [aligarh news]
घटना बीते 20 जुलाई की रात की है, जब पीड़िता अपने पति के साथ एक्टिवा पर सवार होकर बाजार से अपने मायके जा रही थी। रास्ते में रोरावर क्षेत्र के पास तीन बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि मनचलों ने चलती गाड़ी पर महिला के बाल खींचे और वाहन के आगे अपनी बाइक अड़ाकर जबरन रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने सरेराह अभद्रता और छेड़छाड़ शुरू कर दी।
जब पीड़िता के पति ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और गालियां दीं। आरोपियों के पास पिस्तौल भी थी, जिससे उन्होंने दंपती को गोली से उड़ाने की धमकी दी। विरोध करने पर महिला को भी बुरी तरह पीटा गया, उसके पेट में लात मारी गई और यहां तक कि उसे कुचलने के लिए एक्टिवा पर बाइक चढ़ाने का प्रयास भी किया गया। इस दुस्साहसिक घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सत्यानंद सिंह ने अदालत में पुख्ता तथ्य रखे। अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए अदालत ने रोरावर क्षेत्र के रहने वाले मुख्य आरोपी हेमंत उर्फ सिद्धू की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया। इस प्रकार के अपराधों में त्वरित और सख्त न्यायिक कार्रवाई से समाज में यह संदेश जाता है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
