कानपुर में परंपरागत उल्लास के साथ मनाया गया हरतालिका तीज का पर्व, महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत | kanpur news
कानपुर में सोमवार को हरतालिका तीज का पर्व पूरी आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों में सुहागिन महिलाओं ने पहुंचकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा। इस बार गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज एक ही दिन पड़ने के कारण उत्सव का माहौल और भी अधिक दोगुना हो गया था [kanpur news]।
शहर के ऐतिहासिक मंदिरों में विशेष सजावट और अनुष्ठानों का दौर चला। उत्तर भारत के 166 वर्ष पुराने दक्षिण भारतीय प्रयाग नारायण मंदिर (शिवाला) में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार भव्य आयोजन किया गया। यहां बाल हनुमान, शिवलिंग, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण और भगवान सूर्य के विशेष दर्शन कराए गए। हाथों में मेहंदी, पैरों में आलता और नए वस्त्रों में सजी महिलाओं ने मंदिर पहुंचकर मन्नतें मांगी। वहीं, चौक स्थित कैलाशेश्वर मंदिर को विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जहां आयोजित भजन संध्या में भक्तों ने भजनों का आनंद लिया।
घरों से लेकर सार्वजनिक पंडालों तक महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा की और कथा सुनी। धार्मिक जानकारों के अनुसार, यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और पति की आरोग्यता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पर्व के माध्यम से समाज में आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर मिलन देखने को मिला, जिससे पारिवारिक और सामाजिक बंधन और अधिक मजबूत होते हैं।
