लखनऊ में श्रीराम कथा के दौरान स्वामी अभयानंद ने कर्म और भाग्य पर दिए विचार | lucknow news
राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित चांसलर क्लब में इन दिनों श्रीराम कथा और सुंदरकांड प्रवचन का आध्यात्मिक आयोजन चल रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में कथा व्यास स्वामी अभयानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों और कर्म दर्शन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने प्रवचन के दौरान इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति के जीवन में विपत्तियां तब आती हैं जब वह ईश्वर का स्मरण करना छोड़ देता है।
स्वामी अभयानंद ने आगे कहा कि हमारा वर्तमान जीवन पूर्व जन्मों के अच्छे और बुरे कर्मों का परिणाम है। कर्मों के इसी चक्र के अनुसार इंसानों को सुख और दुख भोगने पड़ते हैं। मनुष्य का जीवन मुख्य रूप से तीन अवस्थाओं—बाल्यावस्था, युवावस्था और वृद्धावस्था में विभाजित होता है, और इनमें से किसी न किसी पड़ाव पर हर व्यक्ति को सुख और दुख का अनुभव अवश्य होता है [lucknow news]। इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के साथ-साथ लोगों को नैतिक मूल्यों से भी जोड़ने का काम करते हैं।
कथा के दौरान हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग हनुमान जी की शरण में रहते हैं, उन्हें हर विकट परिस्थिति में संबल और सहायता मिलती है। इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में आलोक गुप्ता और अनुराग गुप्ता सहित उनके परिवार के तमाम सदस्य उपस्थित रहे और कथा का लाभ उठाया।
