बुजुर्गों के संरक्षण पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, ट्रिब्यूनल दे सकता है बेदखली का आदेश | up news
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता की जान-माल की रक्षा के लिए असाधारण परिस्थितियों में ट्रिब्यूनल द्वारा बेदखली का निर्देश दिया जा सकता है [up news]। यह फैसला कानपुर नगर के यशोदनगर स्थित एक मकान से जुड़े विवाद पर सुनवाई के दौरान आया, जहां एक बुजुर्ग ने अपने बेटे और बहू पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
न्यायालय ने कहा कि ट्रिब्यूनल के पास असीमित अधिकार नहीं हैं और इस तरह के कड़े कदम का इस्तेमाल केवल तभी किया जाना चाहिए जब बुजुर्ग की शारीरिक सुरक्षा खतरे में हो और अन्य कोई प्रभावी विकल्प न बचा हो। इस फैसले से बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो पारिवारिक कलह और उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं।
मामले में आगे की कार्यवाही के लिए हाईकोर्ट ने पुराने आदेश को रद्द करते हुए मामले को ट्रिब्यूनल के पास वापस भेज दिया है। ट्रिब्यूनल को अब यह तय करना होगा कि क्या वास्तव में ऐसे हालात मौजूद हैं जो बेदखली को अनिवार्य बनाते हैं।
