कानपुर में नकली नोट छापने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार | up crime news
उत्तर प्रदेश में वित्तीय सुरक्षा को चुनौती देने वाले एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए कानपुर पुलिस ने नकली नोट छापने वाली अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा है। रेलबाजार थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान के पास एक किराए के कमरे में यह अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से जाली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो राज्य में सक्रिय था [up crime news]।
मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना शेर सिंह समेत तीन आरोपियों को दबोचा है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान रोशन अली और सोमिल गुप्ता के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये शातिर अपराधी एक के बदले तीन के अनुपात में जाली नोटों की सप्लाई करते थे। यानी असली रकम के एवज में तीन गुना नकली नोट दिए जाते थे। कानपुर सेंट्रल और आसपास के जिलों के रेलवे स्टेशनों के पास स्थित छोटी दुकानें इनके निशाने पर थीं, जहां आसानी से इन नोटों को चलाया जाता था।
भारी मात्रा में उपकरण और जाली नोट बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो लाख चार हजार छह सौ पचास रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या सौ और पचास रुपये के नोटों की है। इसके अलावा नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर, पेपर कटर, स्कैनर, इंक की बोतलें और भारी मात्रा में विशेष कागज भी जब्त किया गया है। आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उन पर पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इस तरह के अवैध कृत्यों से आम जनता की मेहनत की कमाई पर सीधा असर पड़ता है और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचता है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार राज्य के अन्य हिस्सों में कहां-कहां जुड़े हैं।
