आगरा कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में मानसिक स्वास्थ्य पर जोर, अवसाद और पारिवारिक कलह बनते हैं आत्मघाती कदम की वजह | agra news
जीवन में आने वाली चुनौतियों और असफलताओं से घबराने के बजाय अपनी परेशानियों को अपनों के साथ साझा करना मानसिक मजबूती की पहली सीढ़ी है। इसी उद्देश्य के साथ शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में आत्महत्या की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया [agra news]। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और कॉलेज के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज के दौर में मानसिक तनाव और अवसाद युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, जिससे समय रहते निपटा जाना बेहद जरूरी है।
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने खुलकर उन बिंदुओं पर चर्चा की जो मौजूदा पीढ़ी को मानसिक अवसाद की ओर धकेल रहे हैं। वक्ताओं ने बताया कि पारिवारिक कलह, अकेलापन, सोशल मीडिया पर दूसरों से अपनी तुलना करने की आदत और रिश्तों में असफलता यानी ब्रेकअप जैसी स्थितियां जेन-जी पीढ़ी में तनाव का मुख्य कारण बन रही हैं। सरकारी स्तर पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सीय परामर्श के महत्व को समझाते हुए डॉक्टरों ने कहा कि समय पर काउंसलिंग मिलने से कई बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के शिक्षकों और मनोवैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को आशावादी बने रहने और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों से जीवन में प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ती है और लोग अवसाद से जूझ रहे अपनों की समय पर पहचान कर उनकी मदद कर पाते हैं।
