उत्तर प्रदेश में up tourism को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म मैट्रिक्स और संस्कृति उत्सव की तैयारी
उत्तर प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन लगातार तेजी से बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सरकार की मंशा है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
टूरिज्म मैट्रिक्स से होगी सुविधाओं की मॉनिटरिंग
पर्यटन विभाग ने एक विशेष प्रोफार्मा तैयार किया है, जिसके आधार पर क्षेत्रीय स्तर पर सभी सुविधाओं की मैपिंग कराई जा रही है। इसमें सड़क संपर्क, परिवहन सुविधाएं, प्रकाश व्यवस्था, यात्री शेल्टर, रैंप, साइनेज और पर्यटक सुविधा केंद्रों की जानकारी जुटाई जाएगी। इस तमाम डेटा को जिलेवार ‘टूरिज्म मैट्रिक्स’ के जरिए एक समर्पित डैशबोर्ड पर दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को सटीक रूप से अमलीजामा पहनाया जा सके।
जेन-जी और जेन-अल्फा को संस्कृति से जोड़ने की पहल
प्रदेश के सभी 75 जिलों में संयुक्त रूप से ‘संस्कृति उत्सव’ आयोजित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके माध्यम से स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों, विशेषकर जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी के युवाओं को नृत्य, नाटक और संगीत जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। युवा पर्यटन क्लबों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत से परिचित कराने का यह एक अनूठा प्रयास है।
