कानपुर में बारिश के बाद भीषण जाम, एंबुलेंस में मरीज तड़पे, यातायात व्यवस्था ठप
कानपुर शहर में बारिश के बाद यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। प्रमुख चौराहों और पुलों पर तीन घंटे तक भीषण जाम लगा रहा, जिससे हजारों लोग फंसे रहे। गोविंदपुरी नए पुल पर स्थिति सबसे गंभीर थी, जहां करीब ढाई घंटे तक वाहन आगे नहीं बढ़ सके। इस दौरान छह एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे मरीजों के तीमारदारों की चिंता बढ़ गई। गोविंदपुरी नए पुल पर शाम साढ़े छह बजे से रात नौ बजे तक जाम लगा रहा, जिससे चावला मार्केट से फजलगंज तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाइक सवारों को पुल पार करने में एक घंटा लगा, जबकि चौपहिया वाहनों को डेढ़ घंटा लगा। एंबुलेंस के सायरन बजने के बावजूद उन्हें रास्ता नहीं मिला, जिससे कॉर्डियोलॉजी और हैलट जैसे अस्पतालों की ओर जाने वाले मरीज प्रभावित हुए। तीन घंटे के इस जाम ने शहर के यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद बढ़ी रफ्तार के बीच पुलों और चौराहों पर अतिरिक्त दबाव को नियंत्रित करने के इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
विजयनगर चौराहे से दादानगर पुल तक भी करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। शाम छह बजे से रात आठ बजे तक वाहन फंसे रहे। बारिश के बाद सड़क पर बढ़े यातायात और पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति बिगड़ती चली गई। हैलट अस्पताल से गोल चौराहा और मेडिकल कॉलेज पुल तक भी शाम छह बजे से रात साढ़े आठ बजे तक यातायात प्रभावित रहा। अस्पताल जाने वाले मरीजों और तीमारदारों को भी जाम का सामना करना पड़ा। कई जगह वाहन चालकों ने जल्द निकलने के प्रयास में दूसरी लेन में घुसने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस अव्यवस्था का सीधा असर आम जनता को भुगतना पड़ा, खासकर उन लोगों को जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी।
