कानपुर-उन्नाव मार्ग पर up news: जाजमऊ पुराना गंगा पुल तीन महीने के लिए बंद, भारी वाहनों को करना होगा 90 किमी का अतिरिक्त सफर
कानपुर और उन्नाव के बीच आवागमन का मुख्य जरिया माने जाने वाला जाजमऊ पुराना गंगा पुल आगामी तीन महीनों के लिए बंद किया जा रहा है। पुल की जर्जर हालत को सुधारने के लिए यह निर्णय लिया गया है, जिससे रोजाना इस मार्ग का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस महत्वपूर्ण मार्ग के बंद होने से यातायात व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा और आम जनता को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा।
पुल बंद होने के निर्णय से पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। स्थानीय मेलों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात डायवर्जन का ट्रायल 13 सितंबर से शुरू किया जाएगा। इसके बाद 16 सितंबर से पूर्ण रूप से प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग को वैकल्पिक मार्गों की सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि वाहन चालकों को ज्यादा असुविधा का सामना न करना पड़े।
यातायात प्रतिबंध के कारण भारी वाहनों को कानपुर पहुंचने के लिए लगभग 90 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। अब तक गदनखेड़ा से रामादेवी चौराहा की दूरी महज 17 किलोमीटर थी, जो अब बक्सर घाट और फतेहपुर हाईवे के रास्ते 107 किलोमीटर हो जाएगी। वहीं, हल्के वाहनों के लिए शुक्लागंज गंगा पुल और सरैंया क्रॉसिंग का विकल्प खुला रखा गया है ताकि स्थानीय ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे।
प्रशासन द्वारा जारी नई व्यवस्था के तहत लखनऊ और उन्नाव से आने वाले भारी ट्रैफिक को बांदा-बहराइच और बक्सर पुल के जरिए निकाला जाएगा। इसके अलावा रायबरेली से आने वाले वाहन गेंगासो पुल के रास्ते फतेहपुर होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इस बदलाव से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है।
