कानपुर: 22 पशु चिकित्सकों को फीडिंग न करने पर चेतावनी, वेतन रोकने की धमकी
कानपुर में पशुओं के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान के आंकड़ों को लेकर विभागीय दावों की हकीकत सामने आ गई है। जिले के 22 पशु चिकित्सकों ने पिछले एक महीने से चल रहे टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की कोई भी जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की है। इस लापरवाही पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनुराग सिंह ने संबंधित डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी जारी की है।
इस वित्तीय वर्ष में जिले को कृत्रिम गर्भाधान के लिए लगभग 1.85 लाख का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले केवल 65 हजार की फीडिंग हुई है। वहीं, खुरपका-मुंहपका टीकाकरण के लिए 4.76 लाख का लक्ष्य था, जिसमें से 3.10 लाख पशुओं के टीकाकरण की फीडिंग दर्ज है।
शासन द्वारा जिलेवार पोर्टल फीडिंग की पड़ताल करने पर पता चला कि 10 ब्लॉकों में तैनात 22 पशु चिकित्सकों में से 16 ने खुरपका-मुंहपका टीकाकरण की फीडिंग नहीं की थी। इनमें से छह डॉक्टरों ने तो कृत्रिम गर्भाधान की एक भी फीडिंग पोर्टल पर दर्ज नहीं की थी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि सभी लापरवाह डॉक्टरों को पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत फीडिंग करने का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो अगस्त माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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