पीएफ निकासी के नए नियम: 75% पर भी पहले से ज्यादा मिलेगा पैसा, 20 हजार आवेदन स्वीकृत
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा आंशिक अंशदान निकासी के नए नियमों के लागू होने से पीएफ निकासी के दावों का निस्तारण फिर से शुरू हो गया है। कानपुर रीजन के 15 जिलों में 20 हजार से अधिक पीएफ सदस्यों ने नए नियमों के तहत आवेदन किया है, और उनके खातों में पीएफ भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नए नियम के तहत, पीएफ सदस्य अब अपने कुल पीएफ का 75% निकाल सकेंगे। यह राशि पहले की 100% निकासी से भी अधिक होगी, क्योंकि अब नियोक्ता के अंशदान को भी इसमें जोड़ा जाएगा। पहले केवल कर्मचारी के हिस्से का ही आंशिक निकासी संभव थी। इस बदलाव से विशेष रूप से उन सदस्यों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें बीमारी, शिक्षा, विवाह या अन्य तत्काल जरूरतों के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। ईपीएफओ के क्षेत्रीय पीएफ कमिश्नर शाहिद इकबाल ने बताया कि 20 हजार से अधिक आवेदनों के क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे पीएफ सदस्यों को आसान निकासी का लाभ मिलेगा।
नए नियम ईपीएफओ के नए पोर्टल ईपीएफओ-3.0 के माध्यम से लागू किए गए हैं, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस है। पहले देशभर के 120 से अधिक कार्यालय अलग-अलग डेटाबेस पर काम करते थे, लेकिन अब सभी रिकॉर्ड एक ही केंद्रीय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। इससे किसी भी सदस्य के दावे का निस्तारण देश के किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से किया जा सकेगा। कानपुर कार्यालय भी अब केवल अपने 15 जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों के खाताधारकों के दावों का भी निस्तारण कर सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस नए सिस्टम से क्लेम प्रोसेसिंग की गति बढ़ेगी और भविष्य में लंबित मामलों की संख्या में भी कमी आएगी। इस नई व्यवस्था से आम पीएफ धारकों को वित्तीय आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
