सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया में जलभराव: करोड़ों का नुकसान, प्रशासन से समाधान की गुहार
लखनऊ के सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में तेज बारिश ने तबाही मचा दी है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी सीधे फैक्ट्रियों के अंदर तक भर गया है। इस जलभराव के कारण करोड़ों रुपये की मशीनरी, कच्चा माल और तैयार माल पूरी तरह से बर्बाद हो गया है, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक कारोबार ठप पड़ गया है।
सरोजनीनगर इंडस्ट्रियल एरिया मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीलमणि वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रशासनिक विभागों को इस समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन कोई स्थायी हल नहीं निकला है। एसोसिएशन के सचिव रजत गुलाटी ने कहा कि यदि समय रहते आंतरिक नालियों को मुख्य नाले से जोड़ा जाता तो उद्यमियों को यह भारी आर्थिक नुकसान नहीं झेलना पड़ता। उन्होंने बताया कि स्थानीय नाले और मुख्य मार्ग के नाले के आपस में न जुड़े होने के कारण जल निकासी बाधित रहती है। उद्यमी पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं, जो एक अस्थायी समाधान है।
क्षेत्रीय उद्यमियों ने यह भी बताया कि जलनिकासी के अलावा, बुनियादी ढांचे की स्थिति भी दयनीय है। टूटी नालियों और सड़कों पर बने गड्ढों में जलभराव और कीचड़ के कारण कर्मचारियों का आना-जाना और माल की आपूर्ति मुश्किल हो गई है। उद्यमियों ने जिला प्रशासन से अविलंब क्षेत्र की जलनिकासी को मुख्य नाले से जोड़ने, सड़कों और नालियों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के उद्योगों को बचाया जा सके। इस जलभराव की समस्या का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ रहा है।
