आगरा में सरकारी जमीन का ऑडिट: डीएम का नया प्रयोग, गरीबों को मिलेगा आवास
आगरा में सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर एक नई पहल की गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जिले की सभी सरकारी जमीनों, जिनमें नजूल, शत्रु संपत्ति, चरागाह और राजकीय आस्थान शामिल हैं, के ऑडिट का आदेश दिया है। इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य इन जमीनों पर हुए कब्जों का पता लगाना और रिक्त पड़ी भूमि को गरीबों के आवास या अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के लिए उपयोग में लाना है।
यह प्रयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। इस ऑडिट के माध्यम से न केवल कब्जों की पहचान की जाएगी, बल्कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जिले में नजूल भूमि का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 60 लाख वर्ग मीटर, जिसमें से 50 हजार वर्ग मीटर पर कब्जा है, इस ऑडिट के दायरे में आएगा। इसी तरह, शत्रु संपत्ति, राजकीय आस्थान और निष्क्रांत संपत्ति की भूमि का भी विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा।
इस पहल से सरकारी भूमि का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित होगा और सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा। खाली पड़ी भूमि को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं में इस्तेमाल करने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। इस ऑडिट की रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी, जिससे भविष्य में ऐसी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने में मदद मिल सके।
