संस्कृत में बौद्ध साहित्य का गूढ़ दर्शन: भारतीय ज्ञान परंपरा का अनमोल खजाना
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Aug 20, 2026
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘संस्कृत भाषायामुपनिबद्धं बौद्धवाङ्मयम्’ विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में संस्कृत को सर्वजन की भाषा के रूप में प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने संस्कृत में विरचित बौद्ध साहित्य की समृद्ध परंपरा, उसके दार्शनिक और साहित्यिक महत्व पर प्रकाश डाला। यह साहित्य भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बौद्ध साहित्य का अध्ययन केवल धार्मिक या दार्शनिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि भारतीय भाषायी, सांस्कृतिक और बौद्धिक इतिहास को समझने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस व्याख्यान में इस अमूल्य निधि के गहन अध्ययन, अनुसंधान और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिससे बौद्ध दर्शन के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक एवं दार्शनिक विरासत को वैश्विक स्तर पर समझने में सहायता मिलेगी।
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