सरकारी स्कूलों के निरीक्षण पर टकराव: CJP के रंका ने शिक्षा मंत्री को दी चुनौती, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रंका ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सीधी चुनौती दी है। रंका ने घोषणा की है कि वे अपनी टीम के साथ जल्द ही राजस्थान के स्कूलों का दौरा करेंगे और जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण जारी रखेंगे। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि या तो सभी जर्जर स्कूलों को ठीक करवाएं या फिर उनके खिलाफ FIR दर्ज कराएं। रंका ने कहा कि जब तक राजस्थान के सभी स्कूल ठीक नहीं हो जाते, वे निरीक्षण करना बंद नहीं करेंगे।
यह टकराव राजस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक सर्कुलर के बाद शुरू हुआ है, जिसमें सरकारी शिक्षण संस्थानों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस सर्कुलर में भारतीय संविधान के आर्टिकल 21, सुप्रीम कोर्ट के प्राइवेसी फैसले और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइडलाइंस का हवाला दिया गया है। आदेश के अनुसार, प्रिंसिपल या संस्थान प्रमुख की मंजूरी के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति का स्कूल परिसर में प्रवेश वर्जित है।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूल परिसर में प्रवेश से पहले विजिटर रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य होगी। किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना किसी अधिकृत स्टाफ सदस्य के क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी या खेल के मैदान जैसी जगहों पर जाने की अनुमति नहीं होगी। छात्रों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या इंटरव्यू भी बिना पूर्व लिखित अनुमति के नहीं किए जा सकेंगे। स्कूल अधिकारियों को छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और प्राइवेसी को खतरे में डालने वाली किसी भी जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि कोई अनाधिकृत व्यक्ति स्कूल में प्रवेश करता है, रिकॉर्डिंग करता है या कामकाज में बाधा डालता है, तो स्कूल प्रशासन को तुरंत स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करना होगा। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, पोक्सो एक्ट (2012), जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (2015) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (2000) के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह प्रशासनिक आदेश CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत के साथ आया है, जो राज्य के स्कूलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करता है।
