लखनऊ में 101 अवैध भवनों पर चलेगा बुलडोजर, 17 अगस्त से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू
राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने वाली है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर की 101 अवैध इमारतों की सूची अंतिम रूप दे दी है, जिन पर जल्द ही बुलडोजर चलेगा। इस सूची में कई बहुमंजिला अपार्टमेंट भी शामिल हैं, जिनका निर्माण स्वीकृत मानचित्र के बिना किया गया है। एलडीए ने 17 अगस्त से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है और इसके लिए पुलिस विभाग से पर्याप्त सुरक्षा बल की मांग की है।
सर्वाधिक कार्रवाई अलीगंज क्षेत्र में होगी, जहाँ 51 अवैध इमारतों को चिन्हित किया गया है। इन निर्माणों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सूचीबद्ध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्र की टीम 24 अगस्त को अलीगंज पहुंचकर सभी चिन्हित भवनों का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपेगी। कोर्ट पहले ही इन अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दे चुका है।
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर ध्वस्तीकरण के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण ने अभियान के लिए विशेष टीमें भी गठित की हैं। सुप्रीम कोर्ट की टीम के निरीक्षण में सहायता के लिए एलडीए ने योजना विभाग के दो ड्राफ्टमैन को भी तैनात किया है, जो भवनों से संबंधित अभिलेख और मानचित्र उपलब्ध कराएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज अग्निकांड को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी तलब की है। एसआईटी अपनी रिपोर्ट में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के नाम भी शामिल कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई सितंबर के मध्य में प्रस्तावित है, उससे पहले न्याय मित्र अपनी स्वतंत्र रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे।
एलडीए ने सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर आए सभी भवनों का विस्तृत ब्योरा तैयार कर लिया है, जिसमें मंजिलों की संख्या, निर्माण की अवधि, उस समय तैनात अधिकारी और कार्रवाई न होने के कारणों का रिकॉर्ड शामिल है। इस सूची में कई प्रभावशाली व्यक्तियों की संपत्तियां भी शामिल बताई जा रही हैं, जिनमें पूर्व राज्यपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, विधायक, बड़े कारोबारी और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, 100 से अधिक बिल्डिंग गिराई जाएंगी। अलीगंज की 51 इमारतों के अलावा 50 अन्य बिल्डिंगों को भी ध्वस्त किया जाएगा। अलीगंज की इमारतों को स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने चिन्हित किया है। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है और आम जनता को उम्मीद है कि इससे शहर में नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।
