सीआरपीएफ जवान की मौत पर सवाल: पत्नी बोली- ‘तीन गोलियां लगीं, फिर आत्महत्या कैसे?’, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पर हाईवे जाम
मणिपुर में तैनात सीआरपीएफ जवान विनीत कुमार सिंह सिकरवार की मौत के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अमौसी एयरपोर्ट से पार्थिव शरीर हरदोई ले जाते समय परिवार ने बुद्धेश्वर चौराहे पर शव वाहन रोक दिया और दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग करते हुए हरदोई हाईवे पर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में लंबा जाम लग गया। विनीत कुमार सिंह हरदोई जिले के कोथावां क्षेत्र स्थित पुरवाबाजीराव गांव के रहने वाले थे और सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन में मणिपुर में तैनात थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर दी।
मृतक की पत्नी नेहा सिंह का आरोप है कि विनीत पिछले कई दिनों से बुखार और पैरों के दर्द से जूझ रहे थे, इसके बावजूद उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और लगातार ड्यूटी करने को कहा गया। नेहा के मुताबिक घटना से कुछ घंटे पहले ही दोनों की फोन पर बात हुई थी, जिसमें विनीत ने बताया था कि तबीयत कुछ ठीक है और वह ड्यूटी पर जा रहे हैं। कुछ देर बाद परिवार को फोन पर सिर्फ इतना बताया गया कि विनीत घायल हो गए हैं, इसके बाद उनकी मौत की सूचना मिली।
परिजनों का कहना है कि विनीत के शरीर पर तीन गोलियों के निशान मिले हैं। उनका सवाल है कि अगर इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, तो तीन गोलियां लगने की स्थिति कैसे बनी। इसी आधार पर परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना से आम जनता के लिए यह सवाल खड़ा होता है कि क्या सुरक्षा बलों में तैनात जवानों के साथ न्याय हो रहा है और उनकी समस्याओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।
बुद्धेश्वर चौराहे पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर एडीसीपी, एसीपी काकोरी के साथ पारा, काकोरी और आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। अधिकारियों ने परिजनों से लगातार बातचीत की और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान हरदोई हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव वाहन को आगे रवाना किया गया, जिसके बाद यातायात को सामान्य कराया गया।
विनीत कुमार सिंह की मौत से उनके पैतृक गांव पुरवाबाजीराव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेगा।
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