उमाशंकर सिंह को मायावती की श्रद्धांजलि, बेटे को राजनीति में बढ़ावा देने का किया वादा
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। 55 वर्षीय उमाशंकर सिंह गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मायावती ने लखनऊ स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया।
मायावती ने भावुक होते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें सगी बहन की तरह मानते थे और राखी बंधवाने जरूर आते थे। उन्होंने कहा कि अगर उमाशंकर सिंह का बेटा राजनीति में आने का इच्छुक है, तो वह उसे पूरा बढ़ावा देंगी। मायावती ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि रसड़ा की जनता भी शायद यही चाहेगी कि उनके बेटे को आगे बढ़ाया जाए।
उमाशंकर सिंह पिछले करीब दो वर्षों से ब्रेन कैंसर से पीड़ित थे। उनका इलाज अमेरिका में भी चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बलिया के जिला पंचायत सदस्य भी रहे।
उमाशंकर सिंह के निधन से बीएसपी का विधानसभा में प्रतिनिधित्व शून्य हो गया है। वह बलिया की रसड़ा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। 2012 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने 2017 और 2022 में भी इसी सीट पर जीत दर्ज की थी। उनके निधन से पार्टी को पूर्वांचल में एक बड़ा झटका लगा है, खासकर आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए।
