युवक की रोशनी बचाई गई: जटिल ऑर्बिटल वॉल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी में 3डी इम्प्लांट का सफल प्रयोग
एसजीपीजीआई एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक युवक के चेहरे की पुरानी चोट के कारण धंसी हुई आंख के पास की टूटी हड्डी का सफल ऑपरेशन किया है। इस उन्नत ऑर्बिटल वॉल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी में आधुनिक नेविगेशन तकनीक और 3डी इम्प्लांट का उपयोग किया गया, जो प्रदेश में पहली बार हुआ है। इस उपलब्धि से युवक की आंख की बनावट और रोशनी सुरक्षित रही, साथ ही चेहरे पर कोई निशान भी नहीं पड़ा।
यह सर्जरी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गंभीर चेहरे की चोटों के इलाज में नई संभावनाओं को खोलती है, जिससे मरीजों की जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। गोरखपुर निवासी 30 वर्षीय युवक को एक वर्ष पहले सड़क हादसे में चेहरे पर चोट लगी थी, जिससे उसकी बाईं आंख के पास की हड्डी टूट गई थी और आंख भीतर की ओर धंस गई थी। इससे उसे दोहरा दिखाई देने और चेहरे की असमानता जैसी दिक्कतें हो रही थीं। एक असफल ऑपरेशन के बाद, युवक एसजीपीजीआई पहुंचा, जहां जांचों के बाद इस तकनीक से ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।
ऑपरेशन से पहले इम्प्लांट की सटीक स्थिति सुनिश्चित करने के लिए ओ-आर्म इमेजिंग का उपयोग किया गया। विभाग के प्रमुख डॉ. कुलदीप विश्वकर्मा के नेतृत्व में इंट्राऑपरेटिव नेविगेशन तकनीक का प्रयोग करते हुए यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी है।
आगरा के गिरोह का पर्दाफाश: किन्नर के घर चोरी का 24.50 लाख का माल बरामद, 3 गिरफ्तार
अलीगढ़ कथा: व्यास पीठ से हुआ सृष्टि निर्माण का अद्भुत वर्णन
कानपुर: बिजली कनेक्शन घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित, Scam Investigation
कानपुर में युवक की आत्महत्या: छत के पंखे से लटककर दी जान, पुलिस जांच में जुटी
Aligarh Police: अलीगढ़ में तीन थाना प्रभारी बदले, पंकज मिश्रा को अकराबाद की कमान
अलीगढ़ में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा: ड्रोन-सीसीटीवी से होगी 24 घंटे निगरानी, नो-ट्रैफिक जोन लागू
कानपुर में बीएसपी की गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र समीक्षा बैठक, UP politics पर चर्चा
कानपुर में महिला की मौत: घरेलू कलह बनी जान का कारण, पुलिस जांच में जुटी
