शादीशुदा प्रेमिका के प्यार में हत्या: 20 घंटे कार में शव घुमाया, फिर जलाया, UP police का सनसनीखेज खुलासा
उत्तर प्रदेश के उरई में तीन महीने पहले हुए चर्चित विजेंद्र मोर अपहरण-हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी मोहित मलिक और सपना को गिरफ्तार किया है, जिन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि 4 मई की सुबह अपहरण के कुछ ही देर बाद उन्होंने विजेंद्र मोर की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए वे लगभग 20 घंटे तक कार में लेकर घूमते रहे।
आधी रात को शव को हमीरपुर के जलालपुर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर 40 लीटर डीजल डालकर जला दिया गया, ताकि पहचान और साक्ष्य नष्ट हो सकें। पुलिस के मुताबिक, यह वारदात शादीशुदा प्रेमिका से प्रेम संबंध और करोड़ों की जमीन के विवाद के चलते अंजाम दी गई। एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि 4 मई की सुबह हरियाणा के जींद निवासी 52 वर्षीय विजेंद्र मोर उरई कोतवाली क्षेत्र के रिनिया गांव स्थित ट्यूबवेल पर सो रहे थे, तभी चार लोग उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए। विजेंद्र के साथी अमरीक सिंह की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था, जो बाद में सुनियोजित हत्या की साजिश में बदल गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सपना रानी और विजेंद्र मोर के बीच प्रेम संबंध थे। विजेंद्र की उम्र ज्यादा होने के कारण सपना ने मोहित मलिक से शादी कर ली थी, लेकिन शादी के बाद भी उनकी बातचीत जारी रही, जिससे मोहित और विजेंद्र के बीच विवाद हुआ। दूसरी ओर, विजेंद्र की करीब पांच करोड़ रुपये की जमीन के लेन-देन को लेकर भी रंजिश चल रही थी। पुलिस ने 86 दिनों की विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर 29 जुलाई को कदौरा क्षेत्र से मोहित मलिक और सपना रानी को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर जंगल से विजेंद्र के जले हुए कंकाल के कुछ हिस्से बरामद हुए। पुलिस तीन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
इस घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुलिस को हमीरपुर के जंगल से मिले कंकाल की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराना होगा। पुलिस ने विजेंद्र के बेटे को बुलाकर ब्लड सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। इस मामले में एक बड़ी वजह जमीन के करोड़ों के सौदे की भी रही। पुलिस के अनुसार, हरियाणा के जींद निवासी आजाद सरपंच से विजेंद्र मोर का जमीन का सौदा तय था, जिसमें आजाद सरपंच ने विजेंद्र को एक करोड़ रुपये दे दिए थे, लेकिन तीन करोड़ रुपये नहीं दे रहा था। इसी दौरान मोहित और सपना के संपर्क में आने के बाद, तीन करोड़ रुपये बचाने के लिए आजाद ने दंपति को विजेंद्र मोर की सुपारी दे दी, जिसके बाद यह साजिश रची गई।
यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, क्योंकि अपराध के तरीके और उसके पीछे के कारण जटिल हैं, जो समाज में मौजूद प्रेम, लालच और हिंसा के पहलुओं को उजागर करते हैं।
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