उत्तर प्रदेश में युवा नीति-निर्माण से जुड़ेंगे: CM युवा सलाहकार समिति का प्रस्ताव
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत नीति-पत्र भेजकर ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति’ (Chief Minister’s Youth Advisory Council – CM YAC) के गठन का प्रस्ताव दिया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच एक स्थायी और निरंतर संवाद स्थापित करना है, ताकि युवाओं के विचार, अनुभव, नवाचार और सुझाव सीधे शासन और नीति-निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।
डॉ. सिंह ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बदलता रोजगार बाजार, प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं, कौशल की नई आवश्यकताएं, स्टार्टअप संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल जीवन जैसी चीजें युवाओं की प्राथमिकताओं को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में सरकार और युवाओं के बीच संवाद स्थापित करने वाली एक स्थायी संस्था की तत्काल आवश्यकता है।
प्रस्ताव के अनुसार, डॉ. सिंह ने 31 सदस्यीय समिति के गठन का सुझाव दिया है। इसमें 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20 उत्कृष्ट युवाओं को शामिल किया जाएगा। इन युवाओं में यूपीएससी व यूपीपीएससी के सफल अभ्यर्थी, आईआईटी, जेईई व नीट के शीर्ष प्रतिभागी, आईआईटी, आईआईएम, एम्स व एनएलयू के विद्यार्थी, ऑक्सफोर्ड व हार्वर्ड जैसे विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र, युवा वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्टार्टअप उद्यमी, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और युवा किसान जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
डॉ. सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि समिति की हर तीसरे महीने बैठक होनी चाहिए और वर्ष में एक बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘मुख्यमंत्री युवा संवाद’ आयोजित किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, ‘युवा सेतु यूपी’ नाम से एक डिजिटल पोर्टल स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उत्तर प्रदेश इस पहल को लागू करता है, तो यह देश का पहला राज्य होगा जहाँ मुख्यमंत्री स्तर पर युवाओं को औपचारिक रूप से नीति-निर्माण से जोड़ा जाएगा। इसी उद्देश्य से, इस प्रस्ताव की एक प्रति केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी भेजी गई है, जिसमें भारत सरकार के स्तर पर ‘राष्ट्रीय युवा सलाहकार परिषद’ के गठन पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। यह कदम युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
