अलीगढ़ डोर क्लोजर्स को 2027 तक BIS मानकों से मिली छूट, उद्योग जगत में खुशी
अलीगढ़ के डोर क्लोजर निर्माताओं को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों को लागू करने से 20 मई 2027 तक की मोहलत दी गई है। यह राहत इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और स्थानीय उद्यमियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस फैसले से अलीगढ़ के हजारों डोर क्लोजर निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है, जो बीआईएस मानकों को पूरा करने की तैयारी में थे।
उद्यमियों ने दिल्ली में वाणिज्य मंत्रालय को एक मांग पत्र सौंपा था, जिसके बाद यह विस्तार संभव हुआ। आदित्य बजाज, एक प्रमुख उद्यमी ने बताया कि ताला-हार्डवेयर उद्योग बीआईएस के मौजूदा मानकों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं था, साथ ही मानक भी पुराने थे। इस विस्तार से उन्हें बिना बीआईएस लाइसेंस के 2027 तक उत्पादन जारी रखने की अनुमति मिल गई है।
यह निर्णय उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। बीआईएस मानकों के लागू होने से डोर क्लोजर के निर्माण और बिक्री में बाधा आ रही थी। इस मोहलत के दौरान बीआईएस मानकों में भी सुधार की उम्मीद है। हार्डवेयर और निर्माण सामग्री उद्योग के लिए यह एक बड़ी सफलता है।
IIA और फिक्की चैप्टर अलीगढ़ के नेतृत्व में, हैरिसन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, बजाज ग्रुप, डोरसेट और हेफेले जैसे प्रमुख हितधारकों के सहयोग से बीआईएस से यह महत्वपूर्ण विस्तार प्राप्त किया गया है। यह विस्तार विनिर्माण इकाइयों और आपूर्ति श्रृंखला के सुचारू संचालन को प्रभावित करने वाली अनुपालन चुनौतियों का समाधान करता है। केंद्रीय चिन्ह विभाग, बीआईएस द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी आदेश में सक्षम प्राधिकारी ने संशोधित आदेश जारी किया है।
हाइड्रोलिकली रेगुलेटेड डोर क्लोजर्स अब साल 2027 तक पहले की तरह बनाए जा सकेंगे। उद्योग संघों ने कच्चे माल की उपलब्धता, परीक्षण में लगने वाले समय और उपकरणों में बदलाव जैसी व्यावहारिक कठिनाइयों को बीआईएस के समक्ष रखा था। बीआईएस ने इन बिंदुओं पर विचार करते हुए विस्तार प्रदान किया है, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किए बिना व्यवसाय की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।
