कानपुर में शाइन सिटी के पास मिला 20 डंपर क्रोमियमयुक्त कचरा, भूजल प्रदूषण का खतरा
कानपुर के नर्वल तहसील क्षेत्र में क्रोमियमयुक्त कचरे का अवैध भंडारण चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में, शाइन सिटी के पास हाईवे किनारे 20 से अधिक डंपर क्रोमियमयुक्त कचरा फेंका हुआ पाया गया। यह कचरा बारिश के पानी के साथ मिलकर जमीन और भूजल को गंभीर रूप से दूषित कर रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों और पशुधन के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस कचरे से जीवन को खतरा पैदा हो गया है। मवेशियों द्वारा इस प्रदूषित घास को चरने से दूध भी दूषित हो सकता है, जो अंततः मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्थानीय लोगों ने चरवाहों को मवेशियों पर कड़ी निगरानी रखने की सलाह दी है ताकि वे क्रोमियम युक्त कचरे के आसपास की घास न चरें।
यूपीपीसीबी के कानपुर नगर आरओ अजीत कुमार सुमन के अनुसार, नर्वल तहसील क्षेत्र में फेंका जा रहा कचरा बेसिक क्रोम सल्फेट है, जिसकी कोई फैक्ट्री कानपुर नगर में नहीं है। इससे यह सवाल उठता है कि यह कचरा कानपुर देहात या फतेहपुर की किसी फैक्ट्री से आ रहा है। खतरनाक कचरा पैदा करने वाली कंपनियों के लिए लॉग रजिस्टर और निस्तारण का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है, लेकिन अधिकारियों की निगरानी की कमी के कारण यह व्यवस्था प्रभावी नहीं दिख रही है।
क्रोमियम युक्त कचरे के निस्तारण में भारी लागत आती है, जो लगभग 12 से 18 रुपये प्रति किलो है। लागत बचाने के लिए, फैक्ट्री संचालक अक्सर कचरे को अवैध रूप से फेंक देते हैं। पुरवामीर में पानी और सॉलिड वेस्ट के नमूनों में क्रोमियम की मात्रा मानक से 757 गुना अधिक पाई गई है, जो गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय है।
