फतेहपुर सीकरी में जल संकट और रोजगार की कमी: MLA के दावों पर सवाल, Uttar Pradesh news
फतेहपुर सीकरी, जो कभी मुगल शहंशाह अकबर की राजधानी थी, आज भी पानी के संकट से जूझ रही है। यह समस्या इतनी पुरानी है कि इसे अकबर द्वारा राजधानी बदलने की वजहों में से एक माना जाता है।
जल संकट और सिंचाई की समस्या
क्षेत्र में ‘हर घर जल योजना’ के बावजूद, राजस्थान सीमा पर डाबर सिरौली से रुनकता तक यमुना तट तक खारे पानी की समस्या आम है। भरतपुर बॉर्डर के करीब 50 गांवों में फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कमी है, और लोगों को पीने और रोजमर्रा के उपयोग के लिए पानी खरीदना पड़ता है। किसानों का कहना है कि सिरौली में बांध बनने से यह समस्या हल हो सकती थी, लेकिन दशकों से की जा रही मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नहर निर्माण के लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने स्थल निरीक्षण किया है, लेकिन ग्रामीण अभी भी इंतजार कर रहे हैं।
रोजगार का अभाव और पलायन
पत्थरों के खनन पर रोक लगने और दरी बुनाई के पारंपरिक उद्योग के सिमटने से युवाओं के पास रोजगार के अवसर कम हो गए हैं। इसके चलते, युवा रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महुअर में प्रस्तावित लेदर पार्क जैसी परियोजनाओं को जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
पर्यटन विकास की सुस्ती
फतेहपुर सीकरी में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इस दिशा में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। इतिहासकारों का मानना है कि आगरा किला और फतेहपुर सीकरी के बीच शटल ट्रेन चलाने और पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने से रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।
जलभराव और अधूरी परियोजनाएं
क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या भी गंभीर है, जिससे सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं। किरावली में 2002 में बनकर तैयार हुआ आईटीआई भवन आज तक शुरू नहीं हो सका है, जिससे युवाओं को कौशल विकास के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। मिनी स्टेडियम में भी खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव है।
क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल 550 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का दावा करते हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों का अनुभव बताता है कि पानी, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी प्रमुख समस्याएं अभी भी अनसुलझी हैं।
यह स्थिति फतेहपुर सीकरी के निवासियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर दिखाई देता है।
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