साइबर हमलों से लड़ने को 140 भारतीय सैनिक तैयार, IIT कानपुर ने दिया प्रशिक्षण
भारतीय सेना ने साइबर हमलों से निपटने के लिए अपनी क्षमताएं बढ़ा दी हैं। सेना के 140 सैन्यकर्मियों को आईआईटी कानपुर में स्थापित सी3आई हब के वैज्ञानिकों द्वारा विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण सेंट्रल कमांड के सैनिकों और अधिकारियों को दिया गया है, जिससे वे डिजिटल युद्ध के खतरों का सामना कर सकें।
साइबर सुरक्षा का बढ़ता महत्व
मिसाइल और ड्रोन जैसे पारंपरिक हमलों के साथ-साथ साइबर हमलों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। इन खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारतीय सेना ने अपनी साइबर सुरक्षा फोर्स को मजबूत करना शुरू कर दिया है। आईआईटी कानपुर इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का विवरण
आईआईटी कानपुर के सी3आई हब द्वारा आयोजित छह माह के हाइब्रिड साइबर सुरक्षा प्रमाणन कार्यक्रम का दूसरा बैच हाल ही में संपन्न हुआ। इसमें लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड मुख्यालय के 70 सैन्यकर्मियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षा और नागरिक सुरक्षा क्षेत्रों के लिए कुशल साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करना है।
प्रशिक्षण दो चरणों में विभाजित था: तीन माह का बेसिक मॉड्यूल और तीन माह का एडवांस्ड मॉड्यूल। प्रत्येक मॉड्यूल में कुल 96 घंटे का प्रशिक्षण शामिल था, जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन सत्र आयोजित किए गए। बेसिक मॉड्यूल में 45 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि एडवांस्ड मॉड्यूल में केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 प्रतिभागियों को चुना गया। इस प्रशिक्षण से सैन्यकर्मियों की साइबर युद्ध क्षमता में वृद्धि होगी, जो देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
