कानपुर में सपा विधायकों की हिरासत: फूलबाग धरने से पहले हंगामा, पुलिस ने रोकी तैयारी
कानपुर में समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित सत्याग्रह को लेकर बुधवार को माहौल गरमा गया। फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर 23 और 24 जुलाई को होने वाले धरने की तैयारियों के बीच पुलिस ने टेंट और अन्य सामान हटवा दिए, साथ ही परिसर के गेट पर ताला लगा दिया। इस कार्रवाई के विरोध में आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई और कैंट विधायक मोहम्मद हसन रूमी समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने दोनों विधायकों सहित 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ट्रैफिक पुलिस लाइन भेज दिया।
विधायक अमिताभ बाजपेई ने पुलिस पर लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे सत्याग्रह की तैयारियों को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस बिना टेंट और ध्वनि व्यवस्था के धरना देने की शर्त रख रही थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर कई थानों की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। शाम को सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धरने की अनुमति के संबंध में उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। वहीं, अमिताभ बाजपेई ने कहा है कि प्रस्तावित सत्याग्रह हर हाल में आयोजित किया जाएगा। इस घटना से स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर आम जनता की आवाजाही और शांति व्यवस्था पर पड़ सकता है।
