कानपुर के किसान अपनाएं मोती की खेती, डीएम ने बताई अतिरिक्त आय की राह
कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेत तालाबों के बहुउद्देशीय उपयोग पर जोर दिया है। उन्होंने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति तथा डब्ल्यूसीडीसी–पीएमकेएसवाई 2.0 समिति की बैठक में किसानों को मत्स्य पालन के साथ-साथ मोती की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। डीएम ने कहा कि इससे किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बन सकेगा।
बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 15 खेत तालाबों के निर्माण के लिए चयनित लाभार्थी किसानों का अनुमोदन किया गया। प्रत्येक खेत तालाब का मानक आकार 22×20×3 मीटर निर्धारित है, जिस पर 1.05 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 52,500 रुपये तक का अनुदान का प्रावधान है। समिति ने पात्र लाभार्थियों को शासन की गाइडलाइन के अनुसार योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए छह परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद के प्रत्येक विकास खंड से कम से कम दो-दो किसानों को ऊसर भूमि सुधार के लिए एसएडीपी योजना से लाभान्वित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान भूमि एवं जल संरक्षण संबंधी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
